25 साल बाद बजी गॉव में शादी की शहनाई

25 साल बाद बजी गॉव में शादी की शहनाई
पलायन गॉव में 25 साल बाद हुआ शादी का कार्यक्रम।
25 साल बाद आई गॉव में रौनक, जब आये आस- पास के गॉव के लोग।
हरेन्द्र नेगी
आज हम उस गॉव की दास्तॉ आप लोगों के सामने रख रहे हैं । जहां आज से 25 साल पहले गॉव में शादी की शहनाई और बच्चों की किलकारी बजा करती थी, एक बार फिर से 25 साल बाद गॉव में शादी रिसेप्शन की रस्म निभाई गयी, और आस- पास से आये गॉव, नाते, रिश्तेदारों ने गॉव में बजी शहनाई की आवाज सुनी, माहौल काफी खुश नुमा और रौनक का था, शादी का रिसेप्शन जो हो रहा था, ढोल दमाउॅू की थाप और भजन कीर्तिन की गॅूज गाजे -बाजे व ढोलक की थाप हर किसी के कानों तक पहॅॅूच रही थी। और सबके मन में एक बात याद आ रही थी। आखिर एैसा कैसा हो गया, 25 सालों तक जहां कई दिनों और महिनों तक आदमी देखने को तरस्ते थे आज उस गॉव में शादी की शहनाई बजकर गॉव के एक-एक घर को लोग बारकी से देख रहे थे कि हम कभी इस गॉव में हर समारोह में शामिल हेने के लिए आते थे पहले इतने लोग रहते थे बस अब गिनती के दो लेग,
जी हॉ चॉम्यूॅ गॉव जो रूद्रप्रयाग में पड़ता हैं कहने को तो गॉव हैं लेकिन अब महज दो यानि एक बृद्ध दम्पति जो 90 वर्ष पार कर चुके है, इस गॉव में कभी 15 से 20 परिवार हुआ करते थे। धीरे धीरे पलायन की मार ने पूरा गॉव खाली कर दिया। जिसके कारण यहां न तो 25 सालो तक कोई शादी हुई और ना ही कोई बच्चे का जन्म हुआ, बस हुआ तो गॉव का पलायन इन पच्चीस सालों में।
लेकिन गॉव की मिटटी ने एक बार प्रेम सिहं चौहान को अपने गॉव की याद दिलाई जहां से वे बच्चपन्न से लेकर नौकरी लगने के दौरान तक गॉव में रहे लेकिन नौकरी के दौरान उन्हे कभी कहीं तो कभी कहीं रहना पड़ा, उन्होने अपनी लड़की की शादी तो देहरादून में की लेकिन शादी का रिसेप्शन गॉव में कराया और पूरे आस- पास के गॉव के लोगों को इस कार्यक्रम में बुलावा दिया, और गॉव में शादी की शहनाई बजवाई जहां लोगों ने शादी की इस रस्म में बडे सौहार्द पूर्ण ढंग से हंसी खुशी शादी का मजा लिया —–और पुराने दिनों को याद किया। ,
गॉव में लोगों ने अपने घरों को तो ठीक करवाया ही बस आस लगाये बैठे हैं कि गॉव के आस -पास तक संडक मार्ग आ जाय, तो देश प्रदेश में रहने वाले लोग अपने घरो की ओर गॉव में रहने के लिए आयेंगें -जायेगें, आज भी लेग सुविधाओं के अभाव में गॉव तक नहीं पहॅूच पा रहे हैं। न सड़क, न शिक्षा, न स्वास्थ्य कई कई किलोमीटर पैदल चलकर गॅाव पहॅूचना पड़ता है, भाई प्रेम सिहं चौहान ने लड़की का रिसेप्शन करने के लिए बड़ी हिम्मत जुटाई, तब जाकर शादी का रिसेप्शन को पूरा कर पाये लेकिन उन्होने हिम्मत नहीं हारी और गॉव में 25 साल बाद शादी की रस्म को पूरा करवाया—



