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तोषी गॉव बीडियों हो रहा है वायरल ।

सैक्टर मजिस्टे्रड का बीडियों हो रहा है। वायरल ।
जनपद का अंतिम गॉव तोषी गॉव।
आज भी 6 किलोमीटर पैदल स्कूल आना जाना हेता हैं प्रत्येक दिन स्कूल के बच्चों का ।
2013 आपदा में इसी गॉव ने बचाई थी हजारों लोगों की जान।
एैसे ही बडे बडे पेड़ काट कर पैदल पुल लकड़ी के बनाये थे लोगों ने ।
इस गॉव में रहते हैं 70 से 80 परिवार।
एक अकेली ग्रामपंचायत हैं तोषी।
तोषी गॉव के लिए 6 किमी0 सड़क स्वीकृत हो गयी है। महज 700 मीटर काटने रह गयी हैं बाकी।
एक पुल भी बनेगा इस सडंक मार्ग पर गॉव को जोडने वाला।
हरेन्द्र नेगी
स्लग- जान जोखिम में ।
तोषी गांव का जोखिम भरा जीवन
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले का सीमांत गांव तोषीण्ण्ण् एक ऐसी जगहए जहाँ जीवन हर दिन एक खतरनाक चुनौती है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो उस कठिन सच्चाई को उजागर करता हैए जिससे यहाँ के ग्रामीण रोज़ गुज़रते हैं। एक पेड़ के तने से बने इस जर्जर पुल के सहारेए ग्रामीण अपनी जान हथेली पर रखकर नदी पार करते हैं। स्कूलए बाज़ारए या अस्पताल जाने के लिए यही एकमात्र रास्ता है। हर कदम पर मौत का ख़तराए फिर भी ये लोग हिम्मत नहीं हारते।

दृउत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीचए सेक्टर मजिस्ट्रेट ने तोषी गांव का दौरा किया। लेकिन यह दौरा भी उस खतरनाक रास्ते से होकर गुज़राए जो ग्रामीणों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा है। ये तस्वीरें और वीडियो न सिर्फ़ ग्रामीणों की हिम्मत को दर्शाते हैंए बल्कि प्रशासन की उदासीनता पर भी सवाल उठाते हैं। आख़िर कब तक ये लोग ऐसे ख़तरनाक रास्तों पर चलने को मजबूर रहेंगेघ् कब मिलेगा इन्हें एक सुरक्षित पुल और बेहतर ज़िंदगी।


पूर्व विधायक शेलारानी रावत द्धारा इस गॉव के लिए त्रियुगीनारायण गांव के लिए संडक की स्वीकृत मिल चुकी हैं और ये सडंक 6 किमी लम्बी हैं इसमें 4.50 करोड़ की लागत आयेगी जिसमें एक मोटर पुल भी है। जिसका निर्माण कार्य भी जल्द पूरा जायेगा और लोगों को जीवन जीने के लिए खुशी मिलेगी।

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